Front-end और Back-end में क्या अंतर है

अगर आपने हाल ही में वेब डेवलपमेंट सीखना शुरू किया है तो आपने काफी लोगों को फ्रॉन्टेन्ड और बैकेंड प्रोग्रामिंग यह चीज़े कहते हुए सुना होगा। पर आखिर फ्रॉन्टेन्ड और बैकेंड प्रोग्रामिंग होते क्या है। आज मैं यह समझने वाला हु। वेबसाइट के लिए फ्रॉन्टेन्ड और बैकेंड दोनों एक सामान महत्वपूर्ण है। वेबसाइट का फ्रॉन्टेन्ड वह होता है जिसे आप ब्राउज़र पर देख सकते है और उसके साथ इंटरैक्ट कर सकते है। इसे क्लाइंट साइड भी कहते है जैसे Form, Text and colors, button, images, and menus जैसे की आप codehindi के इस पेज पर देख रहे है ।

आइये इसे एक उदाहरण के साथ समझते है . मान लीजिये आपने एक बिज़नस शुरू किया और अब आपको उसके लिए एक वेबसाइट बनानी है। इस वेबसाइट में आप अपनी प्रोडक्ट्स और बिज़नस की जानकारी डालना चाहते है। जैसे फोटोज और कुछ टेक्स्ट इन्फ़ॉर्मेशन

तो इस्केलिए आपका काम यह तीन फ्रॉन्टेन्ड टेक्नोलॉजीज कर सकती है हटमल किस और जस आप जब भी किसी वेबसाइट को देखते है तो उसमे यह तीन टेक्नोलॉजी विशेष रूप से कंटेंट को दिखने के लिए इस्रमल की जाती है इन बेसिक फ्रॉन्टेन्ड टेक्नॉलिजीएस के साथ इनके फ़्रेमवर्क्स का भी इस्तेमाल कर सकते है जैसे frameworks Bootstrap and Angular, as well as JavaScript libraries like jQuery, and CSS


इन टेक्नोलॉजीज की काफी लंबी लिस्ट है जिनमे से आप चूसे कर सकते है। अब यह वेबसाइट जो आपने बनाई वह एक स्थैतिक वेबसाइट है मतलब उसका कंटेंट चेंज नहीं होगा और जो भी ब्राउज़र पर दिख रहा है वह हमारर फ्रॉन्टेन्ड कोड हटमल किस और जा से ही आया है। स्थैतिक वेबसाइट बिज़नस रेस्तुरंट्स पर्सनल या प्रोफेशनल प्रोफाइल के अचे होते है। पर अगर आप चाहते है की यूजर आपकी वेबसाइट से इंटरैक्ट करे तो आपको बैकेंड टेक्नोलॉजीज की ज़रूरत पड़ेगी बैकेंड टेक्नोलॉजीज जो काम करती है वह हमें ब्राउज़र पर दिखाई नहीं देता। यह डाटा को स्टोर करते है उसे बराबर फॉर्मेट ओर्गानिज़े करते है और क्लाइंट साइड पर शो करते है बैकेंड फ्रॉन्टेन्ड से संपर्क करके जानकारी लेता और देता है जो वेब पेज पर दिखानी है जब भी आप कोई contact form भरते है , web address type करते है या ऑनलाइन खरीदी करते है , आपका ब्राउज़र server को request भेजता है , ब्राउज़र server से जानकारी लाकर frontend पर दिखता है ।

हमारे नए वेबसाइट को डायनामिक बनाने के लिए बैकेंड टेक्नोलॉजीज कजरूरत पड़ेगी डायनमिक वेबसाइट वह होती है जिसका कंटेंट चेंज हो सकता है डेटाबेस की जानकारी के अनुसार और जो यूजर इनपुट करे उसके हिसाब से स्थैतिक वेबसाइट को इसकी जरुरत नै पड़ती क्योंकि उसका कंटेंट ज्यादा चेंज नै होता हमारे वेबसाइट के लिए सबसे पहले हमें एक डेटाबेस की जरुरत पड़ेगी जहाँ हम हमारे उसेर्स की और प्रोडक्ट्स की इनफार्मेशन सेव लार सकते है डेटाबेस वेबसाइट की डाटा को ऐसे स्टोर करके रखता है जिससे हम उसे जब चाहे ले चेंज डिलीट कर सकते है यह एक सर्वर से रन होता है। काफी अलग अलग databases use किये जाते है जैसे MySQL, SQL Server, PostgresSQL, and Oracle. हमारे वेबसाइट पर अभी भी फ्रॉन्टेन्ड कोड रहेगा पर हमें एक ऐसी लैंग्वेज की भी जरुरत पड़ेगी जिससे हमें डेटाबेस से संपर्ल कर सकते है। कुछ backend languages है Ruby, PHP, Java, .Net, and Python.

अब हमारे कस्टमर्स वेबसाइट पर सर्च कर सकते है और खरीद सकते है। frontend और backend से जुड़े शंका या सवाल के लिए नीचे comment पर लिखें। आपको हम उत्तर ज़रूर देंगे ।

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