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Fluent English बोलने का मतलब क्या है।

Fluent English बोलने का मतलब क्या है। Grammar यानी व्याकरण और pronunciation यानी उच्चारण को सही रखते हुए बोलना बिना उसके बारे में ज्यादा सोचते हुए|

दो मुख्य कारण जिससे हमें fluent english बोलने में दिक्कत आती है वह है
१. हमें proper words नहीं याद आते जो उस समय इस्तेमाल करनी चाहिए ।
२. हमें words मिल जाते है पर हम उससे sentence नहीं form कर पाते ।

जब कोई आपसे अंग्रेजी में कुछ सवाल पूछे और आप तुरंत जवाब या आपको काफी सोचने की ज़रूरत पड़ती है मतलब आप smoothly जवाब नहीं दे पाते । आपको उसे पहले मन में हिंदी में सोचकर ट्रांसलेट करना पड़ता है तो समाज जाईये की इसे बेहतर करने के लिए आपका प्रैक्टिस करना ज़रूरी है । जैसे आप पहली बार कोई बात कर रहे है तब या चीज़ ज्यादा करके होती है। जैसे आप क्रिकेट हमेशा देखते है तो इस विषय पर आपसे कोई पूछे how did yuvi play yesterday । तो आप उसका जवाब तुरंत अंग्रेजी में दे पाएंगे पर अगर पूछे कोई ऐसा सवाल जो आप बिलकुल भी expect नहीं कर रहे थे तो आप मन में उसे हिंदी में सोचकर translate करके फिर बोलते है । हमें आदत बानी हुई है की हम हिंदी में ही सोचते है ।

आपको एक flow के साथ बोलना है । हर भाषा की एक rhythm होती है। उस rythm को पकड़ के बोलना है । ना बहुत ज्यादा तेज ना बहुत ज्यादा धीरे से ।

आइये देखते है fluent english में गलती और सुधार का एक उदाहरण

उदहारण के तौर पर जैसे रवि सुनील के पास जाकर उससे पूछता है
how was your day yesterday.
तो सुनील हिंदी में सोचता है । मेरा दिन बढ़िया रहा । मैं और मेरे दोस्त resort में गए बहुत मज़े किये ।
वह फिर इससे इंग्लिश में अपने मन में convert करता है । I had a great day. Me and my friends resort went and had fun.
अब इस convert करने के चक्कर में grammer गलत हो गया पर सुनील को इसका एहसास हुआ और जब संतोष से उसकी बात हुई और संतोष ने पुछा how was your day yesterday?
I had a great day. Me and my friends went to a resort and had fun.

२. हमेशा natural स्पीकर की तरह सीखने की कोशिश करें बिना boring lessons पढ़े । इससे आप grammer पर मास्टरी पा सकते है ।
३. सोचकर बोलना दिक्कत नहीं है दिक्कत है ज्यादा सोचकर बोलना । हम मन में पहले इंग्लिश को हिंदी में translate करते है फिर बोलते हैं । ऐसा नहीं होना चाहिए ।
४. शुरुवात में बड़े बड़े novels मत पढ़िए। इससे आप जल्दी से bore हो जायेंगे। कुछ रोचक चीज़ पढ़े जैसे २-३ pages का कोई play ।
४. जब आप बोलते समय topic में डूबकर बोलेंगे तो आपको इंग्लिश naturally आ जायेगी ।
५. आप लोगों को निरीक्षण यानी observe करें जो अच्छी english बोलते है ।
५. theory से practical में जब तक आप नहीं लाएंगे तब तक आप fluently नहीं बोल पाएंगे ।

tips जो आपको अंग्रेजी अच्छी करने में मदद करेंगे

आप आपके दिन छारीय के कामों में थोड़े से बदलाव लाकर अपनी अंग्रेजी को काफी बेहतर बना सकते है ।
१. अपने मोबाइल फ़ोन की language अगर आपने english set नहीं की है तो करलें ।
२. अंग्रेजी में news यानी खबरें सुने ।
३. बच्चों की किताबें पढ़ें । आपको यह बात सुनने में अजीब लग रही होगी मगर बच्चो की किताबों में काफी सरल english का उपयोग किया जाता है । सबसे पहले हमें सरल english सीखनी है ।
४. जब भी कोई नया word सुने तो उसे इन्टरनेट पर search करें की उसका meaning क्या है और उसे समझें ।

English सीखते समय यह चीज़े ना करें

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१ आप सोचते है की english सीखना बहुत मुश्किल काम है – अगर आपको लग रहा है की english सीखना बहुत मुश्किल है तो फिर शायद आप कोई गलत तरीके से सीख रहें है । ऐसा कोई तरीका अपनाइये जिससे आपको english सीखना आसान लगे । english सीखना कोई ज्ञान लेने जैसे चीज़ नहीं यह एक कौशल है यानी skill है जो करने से ही आएगी यानी बोलने से । जहा भी सही मौका हो वहाँ english बोलने से हिचकिचाइए मत ।

२ . बात करते समय शर्म न करें – लोग इंग्लिश बोलते समय शर्माते है अगर उन्हें ठीक से अंग्रेजी नहीं आती । आपको शर्म करने की बिलकुल भी ज़रूरत नहीं है । आपको जितनी भी अंग्रेजी आती है उतनी कहें । अगर किसी जगह कोई word भूल गए या grammer भूल गए तो घबराइये मत वहां हिंदी का इस्तेमाल कर लीजिये पर संकोच के कारण रुकिए मत ।

३ . निराश मत होइए – इंग्लिश सीखते समय एक ससमय ऐसा आएगा जब आप निराश होने लगेंगे । पर इसको अपने english सीखने के आड़े ना आने दें । काफी चीज़ें आप भूल जायेंगे कोई बात नहीं । काफी बार words sentence grammer ठीक से बोल नहीं पाएंगे पर इससे निराश मत होइए । किसी भी चीज़ को लगातार करने से ही वह आप ठीक तरह से सीख सकते है । इसलिए इन बातों को दिल से ना लगाएं और अपनी english बोलने की प्रैक्टिस जारी रखें ।

४ चीज़ों को निजी तौर पर ना लें – अगर लोग आपकी बात समाज नहीं पा रहें है तो ऐसा ना सोचे की मेरे बोलने का तरीका ठीक नहीं है इसलिए वह समाज नहीं पा रहें ।इस दुनिया में बहुत से लोग बहुत से accent में बात करते है । काफी बार लोग आपको कहेंगे “sorry i did not get you” । इससे upset मत होइए । आराम से बात करें । फिर से कहें ।

५ अपने आप को किसी से compare ना करें – हर कोई अलग अलग level पर होते है और हर कोई अपने अपने speed से सीखते है । भाषा सीखते वक़्त कभी भी अपने आपको किसी से compare नहीं करना चाहिए । कोई बात नहीं अगर आप उतनी आसानी से नहीं बोल पाते । सब एक जैसे नहीं सीखते । अगर compare करना ही है तो खुद को खुद से ही compare करें की आप पहले कैसे बोलते थे और अब कैसे बोलते है । प्रैक्टिस करके अगर आपने अपने आपको सुधारा है तो यही आपकी जीत है ।

English में बोलने की प्रैक्टिस कैसे करें ।

१. हो सके तो कोई पार्टनर ढूंढे जो आपके साथ हमेशा इंग्लिश में ही बात करे । ये काफी लाभदायक सिद्ध हुआ है । अचानक से किसी के सामने इंग्लिश में बात करना थोड़ा कठिन है पर अगर हमें पहले से आदत होगी किसी से इंग्लिश में ही बात करने की तो हम बाकी लोगों से भी आसानी से बात कर सकेंगे ।

२. खुद से बात करें इंग्लिश में ज़ोर ज़ोर से । इससे यह होगा की आपको कोई आपकी गलती बताने वाला नहीं होगा अकेले में और आप बेजिझक अपना कॉन्फिडेंस बढ़ सकते है । गलती तो आप वैसे भी सुधार ही रहे है बाकी तरीकों से । ये सिर्फ आपके अंदर का डर निकलने के लिए एक तरीका है ।

३. कोशिश करें छोटी छोटी बातों को अंग्रेजी में कहने की । जैसे किसी को मदद पूछनी हो तो “can i help you”।

४. Pronunciation यानि उच्चारण और शुद्धता पर ध्यान दे । जैसे she को see न कहें । buzy को biji न कहें ।

५. अपने मन में सोचते वव्त भी इंग्लिश में ही सोचे । जैसे आपको भूक लगी तो ऐसा सोचे “I am hungry. I think I should have my food now . ”

६. इंग्लिश गाने सुने और हो सके तो उन्हें गुनगुनाने की कोशिश भी करें।

७. इंग्लिश किताबें पढ़े। पढ़ते समय बोलते हुए पढ़े ताकि इससे आपकी pronunciation की practice भी हो जाये और आपकी english बोलने का confidence बढे । किताबें लिखने की कोशिश करें । जैसे आपके मन में कोई बात चल रही हो तो उसे english में किताब में लिखा करें । ऐसा करने से आप पाएंगे की हर दिन आपकी vocabulary में सुधार हो रहा है ।